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#👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 #🙋‍♂️السلام علیکم💐 #💐 آداب 👐
👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 - क़ुरबानी के दिनों में क़ाबिले तवज्चोह गुज़ारिश एक अज़ीम इबादत है, जो सिर्फ अल्लाह के लिए की जाती है। ক্তনোনী  मगर याद रखें। इबादत तभी क़ुबूल होती है जब दीने इस्लाम के अक़ीदा दुरूस्त हो। मुताबिक़ मुसलमानों से गुज़ारिश है के जब आप क़ुरबानी का जानवर ख़रीदें तमाम या किसी के साथ मिल कर हिस्सा लें॰ शरीक लोगों के अक़रीदे का ज़रूर ख़याल रखें और मालूमात रखें कहीं ला इल्मी में कोई ऐसा शख़्स शरीक ना होः जो क़ुरआन व सुन्नत का मुन्किर हो। सहाबा किराम रज़ि . की गस्ताख़ी करता हो। ख़त्मे नबुव्वत का इन्कार करता हो, या झूटे मेहदवियों जैसे शकील बिन हनीफ या गौहरशाही , मिर्ज़ा क़ादियानी को नबी या मेहदी मानता हो। याद रखें लेहाज़ा अपनी को ज़ाए தளீரி होने से बचाएं, और अक़ीदे की शकील बिन हनीफ का फित्ना को ज़़रूर देखें। ख़त्मे नबुव्वत पर हमला है। दुरूस्तगी और झूटी मेहदविय्यत के अल्लाह तआला हमें सही ज़रीए ईमान बर्बाद करने वाला अक़ीदा अता फरमाए, खुला कुफ्र है, जिससे बचना हर हमारी इबादतों को क़ुबूल फरमाए॰ मुसलमान पर फर्ज़ है। और हमें फित्ना - ए-शकीलियत , కీ ऐसे शख़्स के साथ की गई क़ादयानियत , गौहरशाही सिर्फ हिस्सा नहीं क़ुर्बानी जैसे गुमराहकुन फित्नों से बल्के पूरी क़ुर्बानी ज़ाए कर 1 महफूज़ रखें। आमीन सकती है। @LET मजलिसे तहफ्फुज़े ख़त्मे नबुव्वत ट्रस्ट, पूना (fV7E शाख़ कुल हिंद मजलिसे तहफ्फुज़े ख़त्मे नबुव्वत , दारूल उलूम देवबंद आफिसः सर्व्हे नं. ६/A, रॉयल पार्क, गली नं॰ २, कोंढवा बु॰ पुणे ४८. CONTACT 9371303068 क़ुरबानी के दिनों में क़ाबिले तवज्चोह गुज़ारिश एक अज़ीम इबादत है, जो सिर्फ अल्लाह के लिए की जाती है। ক্তনোনী  मगर याद रखें। इबादत तभी क़ुबूल होती है जब दीने इस्लाम के अक़ीदा दुरूस्त हो। मुताबिक़ मुसलमानों से गुज़ारिश है के जब आप क़ुरबानी का जानवर ख़रीदें तमाम या किसी के साथ मिल कर हिस्सा लें॰ शरीक लोगों के अक़रीदे का ज़रूर ख़याल रखें और मालूमात रखें कहीं ला इल्मी में कोई ऐसा शख़्स शरीक ना होः जो क़ुरआन व सुन्नत का मुन्किर हो। सहाबा किराम रज़ि . की गस्ताख़ी करता हो। ख़त्मे नबुव्वत का इन्कार करता हो, या झूटे मेहदवियों जैसे शकील बिन हनीफ या गौहरशाही , मिर्ज़ा क़ादियानी को नबी या मेहदी मानता हो। याद रखें लेहाज़ा अपनी को ज़ाए தளீரி होने से बचाएं, और अक़ीदे की शकील बिन हनीफ का फित्ना को ज़़रूर देखें। ख़त्मे नबुव्वत पर हमला है। दुरूस्तगी और झूटी मेहदविय्यत के अल्लाह तआला हमें सही ज़रीए ईमान बर्बाद करने वाला अक़ीदा अता फरमाए, खुला कुफ्र है, जिससे बचना हर हमारी इबादतों को क़ुबूल फरमाए॰ मुसलमान पर फर्ज़ है। और हमें फित्ना - ए-शकीलियत , కీ ऐसे शख़्स के साथ की गई क़ादयानियत , गौहरशाही सिर्फ हिस्सा नहीं क़ुर्बानी जैसे गुमराहकुन फित्नों से बल्के पूरी क़ुर्बानी ज़ाए कर 1 महफूज़ रखें। आमीन सकती है। @LET मजलिसे तहफ्फुज़े ख़त्मे नबुव्वत ट्रस्ट, पूना (fV7E शाख़ कुल हिंद मजलिसे तहफ्फुज़े ख़त्मे नबुव्वत , दारूल उलूम देवबंद आफिसः सर्व्हे नं. ६/A, रॉयल पार्क, गली नं॰ २, कोंढवा बु॰ पुणे ४८. CONTACT 9371303068 - ShareChat