ShareChat
click to see wallet page
search
निर्जला एकादशी व्रत 2026 “निर्जला एकादशी हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति केवल उपवास नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म से भगवान विष्णु के प्रति पूर्ण समर्पण है। जहाँ श्रद्धा अटूट होती है, वहाँ स्वयं श्रीहरि कृपा बरसाते हैं।” — Shyam_Sundar_Murlidhar © शुभ तिथि (भारतीय समयानुसार) * व्रत तिथि: गुरुवार, 25 जून 2026 * एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जून 2026, सायं 6:12 बजे * एकादशी तिथि समाप्त: 25 जून 2026, रात्रि 8:09 बजे * पारण (व्रत खोलने का समय): 26 जून 2026, प्रातः 5:25 बजे से 8:13 बजे तक निर्जला एकादशी व्रत कथा महाभारत काल में पाँचों पांडवों में भीमसेन को अत्यधिक भूख लगती थी। वे अन्य एकादशी व्रतों का पालन नहीं कर पाते थे। तब उन्होंने महर्षि व्यास से उपाय पूछा। व्यासजी ने कहा— “यदि तुम वर्ष भर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त करना चाहते हो, तो ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत पूर्ण श्रद्धा से बिना अन्न और जल ग्रहण किए करो।” भीमसेन ने इस कठिन व्रत का पालन किया। भगवान विष्णु उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए और वरदान दिया कि इस एक व्रत के पुण्य से सभी एकादशियों का फल प्राप्त होगा। तभी से यह व्रत भीमसेनी एकादशी या पांडव निर्जला एकादशी के नाम से भी प्रसिद्ध है। #ekadashi
ekadashi - ShareChat
00:27