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#🧑‍🤝‍🧑दोस्ती पर शायरी🎙️
🧑‍🤝‍🧑दोस्ती पर शायरी🎙️ - .मैं यादों का किस्सा खोलूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. .मैं गुजरे पल को सोचूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. . .अब जाने कौन सी नगरी में आबाद हैं जाकर 3&7#, जागूँ तो, .मैं देर रात तक ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं... ...कुछ बातें थीं जैसी फूलों ...कुछ लहजे खुशबू जैसे थे, .मैं शहर ए-चमन में टहलूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं सबकी जिंदगी बदल गयी ..एक नए सिरे में ढ़ल गयी, .किसी को नौकरी से फुरसत नहीं ..किसी को दोस्तों की जरुरत नहीं.. सारे यार गुम होे गये हैं "तू" से "तुम" और " आप" हा गये हैं... .मैं गुजरे पल को सोचूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. .मैं यादों का किस्सा खोलूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. .मैं गुजरे पल को सोचूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. . .अब जाने कौन सी नगरी में आबाद हैं जाकर 3&7#, जागूँ तो, .मैं देर रात तक ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं... ...कुछ बातें थीं जैसी फूलों ...कुछ लहजे खुशबू जैसे थे, .मैं शहर ए-चमन में टहलूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं सबकी जिंदगी बदल गयी ..एक नए सिरे में ढ़ल गयी, .किसी को नौकरी से फुरसत नहीं ..किसी को दोस्तों की जरुरत नहीं.. सारे यार गुम होे गये हैं "तू" से "तुम" और " आप" हा गये हैं... .मैं गुजरे पल को सोचूँ तो, ...कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. - ShareChat