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#🌸अक्षय तृतीयेच्या शुभेच्छा🍁
🌸अक्षय तृतीयेच्या शुभेच्छा🍁 - নূনীযা अक्षय कर्म का ऐसा बीज, जो कभी नष्ट नहीं होता... एक ऐसी तिथि वैशाख शुक्ल तृतीया जहाँ समय भी अक्षय (अनंत) बन जाता है। इस दिन किया गया हर शुभ कर्म, केवल फल नहीं देता... बल्कि स्थायी ऊर्जा बनकर जीवन में प्रवाहित होता रहता है। ये साधना धन + भाग्य + आकर्षण तीनों को सक्रिय करती है) रात में या ब्रह्म मुहूर्त में एक सा़फ सफेद कागज लें 1 उस पर अपने दाहिने हाथ से लिखेंः 2 "३ँ४ ह्रीं श्रीं अक्षय समृद्धि स्थिर भव" अब उस कागज पर हल्दी से एक छोटा स्वस्तिक बनाएं 3. थोड़ा गुड़ रखें उसके ऊपर एक चावल का दाना और 4 फिर ११ बार आँख बंद करके संकल्प लेंः 5. जीवन में जो भी शुभ है, वह अक्षय हो जाए" "٦٢ मोड़करः 6. अब उस कागज को अपनी तिजोरी , जेब या पूजा स्थान में रख दें নূনীযা अक्षय कर्म का ऐसा बीज, जो कभी नष्ट नहीं होता... एक ऐसी तिथि वैशाख शुक्ल तृतीया जहाँ समय भी अक्षय (अनंत) बन जाता है। इस दिन किया गया हर शुभ कर्म, केवल फल नहीं देता... बल्कि स्थायी ऊर्जा बनकर जीवन में प्रवाहित होता रहता है। ये साधना धन + भाग्य + आकर्षण तीनों को सक्रिय करती है) रात में या ब्रह्म मुहूर्त में एक सा़फ सफेद कागज लें 1 उस पर अपने दाहिने हाथ से लिखेंः 2 "३ँ४ ह्रीं श्रीं अक्षय समृद्धि स्थिर भव" अब उस कागज पर हल्दी से एक छोटा स्वस्तिक बनाएं 3. थोड़ा गुड़ रखें उसके ऊपर एक चावल का दाना और 4 फिर ११ बार आँख बंद करके संकल्प लेंः 5. जीवन में जो भी शुभ है, वह अक्षय हो जाए" "٦٢ मोड़करः 6. अब उस कागज को अपनी तिजोरी , जेब या पूजा स्थान में रख दें - ShareChat