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##️⃣DilShayarana💘 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💞Heart touching शायरी✍️
#️⃣DilShayarana💘 - fag, हर दिन सजती थी महफ़िल ए ख़ुशी साहब के रुख़्सत हुए तो यूँ भुला दिए गए, जैसे कभी थे ही नहीं इस महफ़िल में। वाह रे अहल-एन्वफ़ा, तेरी वफ़ा का भी अजब दस्तूर है, ज़रूरत रही तो हम अपने थे, वरना कौन किसका हुज़ूर है। अजय fag, हर दिन सजती थी महफ़िल ए ख़ुशी साहब के रुख़्सत हुए तो यूँ भुला दिए गए, जैसे कभी थे ही नहीं इस महफ़िल में। वाह रे अहल-एन्वफ़ा, तेरी वफ़ा का भी अजब दस्तूर है, ज़रूरत रही तो हम अपने थे, वरना कौन किसका हुज़ूर है। अजय - ShareChat