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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #📜मेरी कलम से✒️ #📝 अधूरे अल्फाज़
✍️ अनसुनी शायरी - लौटती कविता दिल कहता है चल अब घर चलें थोड़ा सांसें कहती हैं ठहरो अभी अभी तो बारी आई है अपनी सपनों की गठरी खोली है हमने अभी साहिब।# Happy Teddy | Day Neeraj Krishna Dwivedi लौटती कविता दिल कहता है चल अब घर चलें थोड़ा सांसें कहती हैं ठहरो अभी अभी तो बारी आई है अपनी सपनों की गठरी खोली है हमने अभी साहिब।# Happy Teddy | Day Neeraj Krishna Dwivedi - ShareChat