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#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🪔ज्येष्ठ माह का आज आखिरी बड़ा मंगल📿 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🙏शुभ मंगलवार🌸 - लंकिनी का उद्धोर धरिअ तुला एक अंग। तात स्वर्ग अपबर्ग सुख मिलि जो सुख लव सतसंगा। तूल न ताहि सकल अर्थः हे तात! स्वर्ग और मोक्ष के सब सुखों को तराजू के एक पलड़े में रखा जाए, तो भी वे उस सुख के बराबर नहींहो सकते जो क्षण भर के सत्संग से मिलता है। (यह सुन्दरकाण्ड की सबसे प्रसिद्ध नीतिपरक चौपाइयों में से एक है, जो लंकिनी के माध्यम से सत्संग की महिमा बताती है।) लंकिनी का उद्धोर धरिअ तुला एक अंग। तात स्वर्ग अपबर्ग सुख मिलि जो सुख लव सतसंगा। तूल न ताहि सकल अर्थः हे तात! स्वर्ग और मोक्ष के सब सुखों को तराजू के एक पलड़े में रखा जाए, तो भी वे उस सुख के बराबर नहींहो सकते जो क्षण भर के सत्संग से मिलता है। (यह सुन्दरकाण्ड की सबसे प्रसिद्ध नीतिपरक चौपाइयों में से एक है, जो लंकिनी के माध्यम से सत्संग की महिमा बताती है।) - ShareChat