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#राधे नाम के दीवाने #जिन्दगी जिन्दा दिल #prabhu darshan 🙏🙏🌟🌟
राधे नाम के दीवाने - 0 श्रीमद्धगवद्धीता १८ अध्याय , १८ संदेश अध्याय २: मोह ही दुख का कारण है। अध्याय २: आत्मा अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय ३ः कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय ४ः जान से ही अजान का अंधेरा मिटता है। अध्याय ५: शांति अपने भीतर ही खोजें। अध्याय ६ः मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय ७: श्रद्धा ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग है। अध्याय 8ः अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय ९: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। अध्याय २०ः ईश्वर ही सूष्टि का आदि और अंत है। अध्याय २२: काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बन्गो। अध्याय २२: शक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। 795 अध्याय १३ः शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका हाता। से ऊपर उठकर ही संभव है। मुक्ति 38414 14: गुणों अध्याय २५ः परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। 21 अध्याय २६ः अहंकार का त्याग करो , दैवीय गुण अपनाओ। श्रद्धा होगी , वैसे तुम बनोगे। 3uTq 17: U तुम्हारी अध्याय १८ः सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही নমা্ৌটঃ तुम्हें 0 श्रीमद्धगवद्धीता १८ अध्याय , १८ संदेश अध्याय २: मोह ही दुख का कारण है। अध्याय २: आत्मा अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय ३ः कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय ४ः जान से ही अजान का अंधेरा मिटता है। अध्याय ५: शांति अपने भीतर ही खोजें। अध्याय ६ः मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय ७: श्रद्धा ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग है। अध्याय 8ः अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय ९: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। अध्याय २०ः ईश्वर ही सूष्टि का आदि और अंत है। अध्याय २२: काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बन्गो। अध्याय २२: शक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। 795 अध्याय १३ः शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका हाता। से ऊपर उठकर ही संभव है। मुक्ति 38414 14: गुणों अध्याय २५ः परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। 21 अध्याय २६ः अहंकार का त्याग करो , दैवीय गुण अपनाओ। श्रद्धा होगी , वैसे तुम बनोगे। 3uTq 17: U तुम्हारी अध्याय १८ः सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही নমা্ৌটঃ तुम्हें - ShareChat