sn vyas
#भगवान #भक्ति #जय श्री कृष्ण
दर्शन दो घनश्याम,
दर्शन दो घनश्याम नाथ
मोरी अँखियाँ प्यासी रे..
मंदिर मंदिर मूरत तेरी, फिर
भी न दिखे सुरत तेरी,
युग बिते ना आई मिलन
की पूर्णमासी रे..
दर्शन दो घनश्याम नाथ
मोरी अँखियाँ प्यासी रे..
द्वार दया का जब तू खोले,
पंच सुर मे गंगा बोले,
अंधा देखेँ लंगङा चल कर
पँहुचे काशी रे..
दर्शन दो घनश्याम नाथ
मोरी अँखियाँ प्यासी रे..
पानी पी कर प्यास बुझाऊँ,
नैनोँ को कैसै समझाऊँ,
आँख मिचौली छोङो अब तो
घट-घट वासी रे..
दर्शन दो घनश्याम नाथ
मोरी अँखियाँ प्यासी रे..
जय श्रीकृष्ण....
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