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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - क्या बेच कर खरीदें " फुर्सत ए जिंदगी " सब कुछ तो गिरवी पड़ा हैं ज़िम्मेदारी के बाज़ार में! क्या बेच कर खरीदें " फुर्सत ए जिंदगी " सब कुछ तो गिरवी पड़ा हैं ज़िम्मेदारी के बाज़ार में! - ShareChat