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#मुझे फिर से रुलाया है किसी ने
मुझे फिर से रुलाया है किसी ने - "बहुत  पीड़ा देते हैं वो घाव" जो बिना अपराध के अपनों से ही मिले हों क्योंकि वे देह नहीं, अस्तित्व को चीर जाते हैं। मुसाफ़िर~ "बहुत  पीड़ा देते हैं वो घाव" जो बिना अपराध के अपनों से ही मिले हों क्योंकि वे देह नहीं, अस्तित्व को चीर जाते हैं। मुसाफ़िर~ - ShareChat