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#अनोखी परम्परा
अनोखी परम्परा - मैनपाट के ग्राम सुपलगा में हुई अनोखी शादी बारात , विदाई में रोया दूल्हा दुल्हन लेकर पहुंची अंबिकापुर  ससुर ने कही यह बात. हरिभूमि न्यूज MI मोहन एक्का ने बताया कि वे अपने छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में जमाई को बेटे की तरह रखेंगे तथा हुई एक अनोखी शादी लोगों के सारी सुख सुविधाएं देंगे। दुल्हे बिलासुर के परिजन उर्मिला बरवा  बीच चर्चा का विषय बनी हुई वबर ने बताया कि विवाह पूर्व वर एव  है। मैनपाट के दूरस्थ ग्राम  qI{I कन्या पक्ष के बीच कई दौर की सुपलगा में ग्राम पैगा की दुल्हन चर्चाएं हुई। बिलासुस के घर जमाई बारात लेकर पहुंची एवं विवाह बनने से दुवमुनि के परिवार को उपरांत दूल्हे की विदाई के बाद बारात सहारा मिलेगा | चुमावन की परंपरा वर पक्ष देता है दहेज लेकर अपने घर लौटी। विदाई के महेश तिर्की ने बताया कि हमारे समाज में विवाह दौरान दुल्हा फूट-फूटकर रोया। ग्रामीण  समाज में कन्या पक्ष वर पक्ष বুযই  उपरांत चुमावन की परपरा हे।वर एवं कन्या क्षेत्रों में लोग अपनी परंपराओं का को दहेज देता है। दहेज को लेकर पक्ष के पारिवारिक सदस्य का बारी-बारी दुल्हन दृढ़ता के साथ करते हैं लेकिन कई बार विवाद की भी स्थिति पालन से उपहार देते है।वर पक्ष के लोग कन्या पक्ष निर्मित होती है तथा दहेज के कारण सुपलगा में प्राचीन परम्पराओं को को देते है। दहेज के लिए कोई भी किसी पर परिवार के बिखरने की भी घटनाएं चुनौती देकर दुल्हन देवमुनि एक्का  दबाव नहीं डालता है। दहेज को लेकर किसी होती है। इस परपरा से अलग  परिवार में कटुता भी नहीं आती तथा विवाह हसी- परिजन एवं रिश्तेदारों के साथ बारात आदिवासी समाज में दहेज की खुशी के बीच संपन्न होता है। लेकर दूल्हे )शेष पेज 5 पर  अलग परपराएं है। मैनपाट के ग्राम सुपलगा में हुई अनोखी शादी बारात , विदाई में रोया दूल्हा दुल्हन लेकर पहुंची अंबिकापुर  ससुर ने कही यह बात. हरिभूमि न्यूज MI मोहन एक्का ने बताया कि वे अपने छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में जमाई को बेटे की तरह रखेंगे तथा हुई एक अनोखी शादी लोगों के सारी सुख सुविधाएं देंगे। दुल्हे बिलासुर के परिजन उर्मिला बरवा  बीच चर्चा का विषय बनी हुई वबर ने बताया कि विवाह पूर्व वर एव  है। मैनपाट के दूरस्थ ग्राम  qI{I कन्या पक्ष के बीच कई दौर की सुपलगा में ग्राम पैगा की दुल्हन चर्चाएं हुई। बिलासुस के घर जमाई बारात लेकर पहुंची एवं विवाह बनने से दुवमुनि के परिवार को उपरांत दूल्हे की विदाई के बाद बारात सहारा मिलेगा | चुमावन की परंपरा वर पक्ष देता है दहेज लेकर अपने घर लौटी। विदाई के महेश तिर्की ने बताया कि हमारे समाज में विवाह दौरान दुल्हा फूट-फूटकर रोया। ग्रामीण  समाज में कन्या पक्ष वर पक्ष বুযই  उपरांत चुमावन की परपरा हे।वर एवं कन्या क्षेत्रों में लोग अपनी परंपराओं का को दहेज देता है। दहेज को लेकर पक्ष के पारिवारिक सदस्य का बारी-बारी दुल्हन दृढ़ता के साथ करते हैं लेकिन कई बार विवाद की भी स्थिति पालन से उपहार देते है।वर पक्ष के लोग कन्या पक्ष निर्मित होती है तथा दहेज के कारण सुपलगा में प्राचीन परम्पराओं को को देते है। दहेज के लिए कोई भी किसी पर परिवार के बिखरने की भी घटनाएं चुनौती देकर दुल्हन देवमुनि एक्का  दबाव नहीं डालता है। दहेज को लेकर किसी होती है। इस परपरा से अलग  परिवार में कटुता भी नहीं आती तथा विवाह हसी- परिजन एवं रिश्तेदारों के साथ बारात आदिवासी समाज में दहेज की खुशी के बीच संपन्न होता है। लेकर दूल्हे )शेष पेज 5 पर  अलग परपराएं है। - ShareChat