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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Ink By थी. पूछनी बात एक Slteyaa लिए के 4 किए  बेटे पैदा  থ না? बहै से क्यों?  तो फिर शिकायतें सहारा बेटा तो उम्मीदें बहू से क्यों ? किया, पाल-्पोसकर बडा उसे नाम उसका आगे बढ़ाया. पर सेवा की बारी आई उंगली बहू पर उठाया ? గ जब बेटा देर से आए *्थक गया होगा. " और बहू बैठ जाए पल भर को " संस्कार नहीं हैं. ' की लाठी अगर बेटा है, बुढ़ापे  बहू ही क्यों? तो कसौटी हर बार सच तो ये है बेटा कभी बड़ा नहीं होता, और बहू कभी अपनी नहीं होती. बस यही सोच घर तोड़ देती है। श्रेया भारद्वाज Ink By थी. पूछनी बात एक Slteyaa लिए के 4 किए  बेटे पैदा  থ না? बहै से क्यों?  तो फिर शिकायतें सहारा बेटा तो उम्मीदें बहू से क्यों ? किया, पाल-्पोसकर बडा उसे नाम उसका आगे बढ़ाया. पर सेवा की बारी आई उंगली बहू पर उठाया ? గ जब बेटा देर से आए *्थक गया होगा. " और बहू बैठ जाए पल भर को " संस्कार नहीं हैं. ' की लाठी अगर बेटा है, बुढ़ापे  बहू ही क्यों? तो कसौटी हर बार सच तो ये है बेटा कभी बड़ा नहीं होता, और बहू कभी अपनी नहीं होती. बस यही सोच घर तोड़ देती है। श्रेया भारद्वाज - ShareChat