#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #हे_कर्मो_के_मालिक_मेरेभाग्यको_लिखनेवाले_सेवामे_लगाये_रखना_दाता!
🥢कबीर साहेब वि.स. 1575 सन् 1518 माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी को धार्मिक सामंजस्य और भाईचारे की जो विरासत छोड़कर गए हैं, उसे मगहर में आज भी जीवंत रूप में देखा जा सकता है। मगहर में जहाँ से कबीर जी सहशरीर सतलोक गए थे, वहां आज भी यादगार मौजूद है।
कबीर, विहंसी कहयो तब तीनसै, मजार करो संभार।
हिन्दू तुरक नहीं हौ, ऐसा वचन हमार।।
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