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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं सुनहिं जे गावहिं, सुख संपति जे सकाम नर बिधि पावहिं, सुर सुख करि जग दुर्लभ नाना माहीं , अंतकाल रघुपति पुर जाहीं गोस्वामी जी कहते है किजो मनुष्य सकामभाव सेभगवान की और जो गाते हैं, वे अनेकों प्रकार के सुख और संपत्ति सुनते कथा புர 8, वे जगत् में देव को भोगकर अंतकाल में श्री दुर्लभ সুম্রী रघुनाथजी के परमधाम को जाते हैं हरि शरणं सुनहिं जे गावहिं, सुख संपति जे सकाम नर बिधि पावहिं, सुर सुख करि जग दुर्लभ नाना माहीं , अंतकाल रघुपति पुर जाहीं गोस्वामी जी कहते है किजो मनुष्य सकामभाव सेभगवान की और जो गाते हैं, वे अनेकों प्रकार के सुख और संपत्ति सुनते कथा புர 8, वे जगत् में देव को भोगकर अंतकाल में श्री दुर्लभ সুম্রী रघुनाथजी के परमधाम को जाते हैं - ShareChat