एमसीडी का हिन्दी और उर्दू अनुवाद विभाग उपेक्षा का शिकार हो गया है। वर्षों से उपेक्षित ये विभाग अब बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। आलम यह है कि पिछले 17 साल से उर्दू अनुवादक की भर्ती नहीं हुई, तो हिंदी अनुवादक का भी स्थायी पद दो साल से खाली : अंकुश नारंग#🗞️पॉलिटिकल अपडेट #सियासत पर नजर #delhi mcd #📢 ताज़ा खबर 🗞️


