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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
📝कविता / शायरी/ चारोळी - 8343004 रात भर जागे लोगों की खातिर " साहेब" दिन के उजालों में जिन्हें कभी हमारी याद तक ना आयी ...!! 8343004 रात भर जागे लोगों की खातिर " साहेब" दिन के उजालों में जिन्हें कभी हमारी याद तक ना आयी ...!! - ShareChat