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महिला आरक्षण बिल #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - २. संवैधानिक और तकनीकी पक्ष ( Technical Aspect) सरकार का पक्ष यह है कि बिना नई जनगणना और परिसीमन रूप से जटिल हो सकता है। कानूनी आरक्षण लागू करना सीटों का निर्धारणः कौन सी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी , इसका फैसला पारदर्शी तरीके से परिसीमन आयोग ही कर सकता है। संवैधानिक प्रक्रियाः अनुच्छेद ८२ के तहत परिसीमन जनगणना के बाद ही होता है। सरकार का तर्क है कि वह एक ऐसी व्यवस्था चाहती है जो लंबे समय तक बिना ٢ बाधा के चले। कानूनी ३. चुनाव पर प्रभाव चूंकि यह बिल पास हो चुका है, इसलिए सत्ता पक्ष इसे अपनी एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में पेश करता है। वहीं , विपक्ष इसे लागू होने में हो रही देरी को " चुनावी जुमला" कहकर निशाना साधता है। २. संवैधानिक और तकनीकी पक्ष ( Technical Aspect) सरकार का पक्ष यह है कि बिना नई जनगणना और परिसीमन रूप से जटिल हो सकता है। कानूनी आरक्षण लागू करना सीटों का निर्धारणः कौन सी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी , इसका फैसला पारदर्शी तरीके से परिसीमन आयोग ही कर सकता है। संवैधानिक प्रक्रियाः अनुच्छेद ८२ के तहत परिसीमन जनगणना के बाद ही होता है। सरकार का तर्क है कि वह एक ऐसी व्यवस्था चाहती है जो लंबे समय तक बिना ٢ बाधा के चले। कानूनी ३. चुनाव पर प्रभाव चूंकि यह बिल पास हो चुका है, इसलिए सत्ता पक्ष इसे अपनी एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में पेश करता है। वहीं , विपक्ष इसे लागू होने में हो रही देरी को " चुनावी जुमला" कहकर निशाना साधता है। - ShareChat