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#😴 Good night friends 😴. शुभ रात्री
😴 Good  night  friends 😴. शुभ रात्री - ज़र्द हुआ वो पत्ता कर पेड़ की शाख़ से टट 0 गिर गया नदी में अब ऐसे बह रहा है लहरों के साथ मानो, टूट कर वो आज़ाद हो गया हो रूह आज़ाद होती है जिस्म से जैसे डराता है टूटने का डर तुम्हें ताकि तुम कभी आज़ाद न हो पाओ होना है तुम्हें जो आज़ाद & तो अपने डर আঙ্সী | शुभ रात्री शुभम् भवतुः ज़र्द हुआ वो पत्ता कर पेड़ की शाख़ से टट 0 गिर गया नदी में अब ऐसे बह रहा है लहरों के साथ मानो, टूट कर वो आज़ाद हो गया हो रूह आज़ाद होती है जिस्म से जैसे डराता है टूटने का डर तुम्हें ताकि तुम कभी आज़ाद न हो पाओ होना है तुम्हें जो आज़ाद & तो अपने डर আঙ্সী | शुभ रात्री शुभम् भवतुः - ShareChat