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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ ##Meri Kalam Se
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - (क्यों ऐसी रीत बनाई है ) एक विदा होती बेटी ने कहा अपने पापा से कि, इस समाज ने क्यों ऐसी रीत बनाई है, एक ही कोख से जन्मे बेटा बेटी में, बेटी क्यो होती पराई है। क्या बेटियां ज्यादा खाती है? या बेटो से ज़्यादा सताती है, फिर क्यों उन्हें घर से जाने का फरमान सुनाया जाता है, दहेज़ का देकर लोभ उसे , मेहमान  क्यों बनाया जाता है। अरे, जिस इज़्ज़त का हवाला देकर, बेटियों को विदा करते हैं लोग, क्या वो इज़्ज़त सुसराल में उसे मिल जाती है? एक बगिया से टूटकर नाज़ुक कली, बगिया में खिल जाती है? 3 क्या फिर क्यों ढ़ोल नगाडें बाजे बजवाकर, उसको दफ़ा करते हैं लोग, उसकी सारी छिन कर खुशियां  इस झुठे समाज से वफ़ा करते हैं लोग। Godaral (क्यों ऐसी रीत बनाई है ) एक विदा होती बेटी ने कहा अपने पापा से कि, इस समाज ने क्यों ऐसी रीत बनाई है, एक ही कोख से जन्मे बेटा बेटी में, बेटी क्यो होती पराई है। क्या बेटियां ज्यादा खाती है? या बेटो से ज़्यादा सताती है, फिर क्यों उन्हें घर से जाने का फरमान सुनाया जाता है, दहेज़ का देकर लोभ उसे , मेहमान  क्यों बनाया जाता है। अरे, जिस इज़्ज़त का हवाला देकर, बेटियों को विदा करते हैं लोग, क्या वो इज़्ज़त सुसराल में उसे मिल जाती है? एक बगिया से टूटकर नाज़ुक कली, बगिया में खिल जाती है? 3 क्या फिर क्यों ढ़ोल नगाडें बाजे बजवाकर, उसको दफ़ा करते हैं लोग, उसकी सारी छिन कर खुशियां  इस झुठे समाज से वफ़ा करते हैं लोग। Godaral - ShareChat