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#भगवत गीता #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓
भगवत गीता - अर्जुन उवाच कैर्लिङ्गैस्त्रीन्गुणानेतानतीतो भवति प्रभो। किमाचारः कथचैतास्त्रीन्गणानतिव्तता अर्जुन बोले- इन तीनों गुर्णों सि अतीत पुरुष किन किन लक्षणों से युक्त होता है और किसॅ प्रकार के आचरणों वाला होता है तथा प्रभो! मनुष्य किस उपाय से इन तीनों गुणों से अतीत होता है? Il2i|| ಖlrl: अर्जुन ने इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण से तीन गुणों सत्त्व रजस और तमस केपार जाने वाले व्यक्तिके लक्षणों और उनके आचरणके बारेमे प्रश्नकिया है सत्त्व , रजस , और तमस यत्ीन गुण प्रकृति के मूल तत्व हैं जो सभी जीवों और वस्तुओमे विद्यमॉन होते है। इनगुरणों का प्रभाव हमारे कार्यों, स्वभाव और व्यक्तित्व पर पड़ता हैl अर्जुन यह जानना चाहते हैं किजो व्यक्ति इन गृणों से अतीत विशेषताएँ होती हैं| होता है  उसकेव्यवहार और आचरण मेंक्या इस सवाल के माध्यम से अर्जन यह भी जानना चाहते है कि एक साधक्या साधक इसस्थितिको कैसेप्राप्त करसकता है और इन गुणों के प्रभाव से मुक्त हो सकता है। श्लोक कायह प्रश्न गहराई से समॅझने का प्रयास करता है कि आदर्श स्थिति में पहुँचने के लिए व्यक्ति को क्या विशेषताएँ अपनानी चाहिए और किस प्रकार क आचरण को अपनी . दिनचर्या में शामिल करना चाहिए ताकि वह इन गुणों सिे परे जाकर आत्म साक्षात्कार और मोक्षकी ओर बॅढ़ सकेा अर्जुन उवाच कैर्लिङ्गैस्त्रीन्गुणानेतानतीतो भवति प्रभो। किमाचारः कथचैतास्त्रीन्गणानतिव्तता अर्जुन बोले- इन तीनों गुर्णों सि अतीत पुरुष किन किन लक्षणों से युक्त होता है और किसॅ प्रकार के आचरणों वाला होता है तथा प्रभो! मनुष्य किस उपाय से इन तीनों गुणों से अतीत होता है? Il2i|| ಖlrl: अर्जुन ने इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण से तीन गुणों सत्त्व रजस और तमस केपार जाने वाले व्यक्तिके लक्षणों और उनके आचरणके बारेमे प्रश्नकिया है सत्त्व , रजस , और तमस यत्ीन गुण प्रकृति के मूल तत्व हैं जो सभी जीवों और वस्तुओमे विद्यमॉन होते है। इनगुरणों का प्रभाव हमारे कार्यों, स्वभाव और व्यक्तित्व पर पड़ता हैl अर्जुन यह जानना चाहते हैं किजो व्यक्ति इन गृणों से अतीत विशेषताएँ होती हैं| होता है  उसकेव्यवहार और आचरण मेंक्या इस सवाल के माध्यम से अर्जन यह भी जानना चाहते है कि एक साधक्या साधक इसस्थितिको कैसेप्राप्त करसकता है और इन गुणों के प्रभाव से मुक्त हो सकता है। श्लोक कायह प्रश्न गहराई से समॅझने का प्रयास करता है कि आदर्श स्थिति में पहुँचने के लिए व्यक्ति को क्या विशेषताएँ अपनानी चाहिए और किस प्रकार क आचरण को अपनी . दिनचर्या में शामिल करना चाहिए ताकि वह इन गुणों सिे परे जाकर आत्म साक्षात्कार और मोक्षकी ओर बॅढ़ सकेा - ShareChat