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✨ जब संसार की चीज़ें आत्मा की भूख नहीं मिटा पातीं, तब परमेश्वर हमें अपनी ओर बुलाता है। यशायाह 55:2 हमें याद दिलाता है कि सच्ची तृप्ति धन, दिखावे या संसार की दौड़ में नहीं, बल्कि प्रभु की उपस्थिति में है। 🙏 जिसने हमें बनाया है, वही हमारी आत्मा की प्यास को जानता है। जब हम उसके वचन को सुनते हैं, तब वह हमें ऐसी शांति, आनंद और आशीष देता है जो संसार कभी नहीं दे सकता। 🌿✨ आज यीशु आपको बुला रहे हैं — “मेरे पास आओ, मैं तुम्हें सच्ची तृप्ति दूंगा।” ❤️ 📖 “मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे…” — यशायाह 55:2 #ज्ञान की बात #Bible Study #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #✝यीशु वचन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
ज्ञान की बात - जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, वस्तुएं खाने पाओगे तब उत्तम और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे । यशायाह ५५:२ जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, वस्तुएं खाने पाओगे तब उत्तम और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे । यशायाह ५५:२ - ShareChat