ShareChat
click to see wallet page
search
#💞💞💞शायर और ग़ज़ल मिजाज़ दिल 💓💓💝 #दिल💖के अल्फ़ाज़✍️ #❤️‍🔥♡𝑫ⅈȴӄ𝙞𝖆Ꮗ𝒶ž♡❤️‍🔥 #✍️ साहित्य एवं शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़
💞💞💞शायर और ग़ज़ल मिजाज़ दिल 💓💓💝 - क्या कभी रुके हो वक़्त की धुंधली दहलीज़ पर लिखा है क्या अपना नाम रेत की तक़दीर पर देखी है क्या ढलते सूरज की वो आख़िरी तड़प महसूस की है हवाओं में एक अनकही झिझक कभी ख़ुद ' को क्या भीड में तन्हा पाया है क्या किसी अपने ने अजनबी बन हाथ छुड़ाया है वो जो मंज़िल थी सराब बनकर दूर खड़ी रही तुम चलते रहे मगर राहें वहीं पड़ी रहीं वो जो वादा था कागज़ पर स्याही सा बिखर गया तुम देखते रहे और वो चुपचाप गुज़र गया क्या कभी रुके हो वक़्त की धुंधली दहलीज़ पर लिखा है क्या अपना नाम रेत की तक़दीर पर देखी है क्या ढलते सूरज की वो आख़िरी तड़प महसूस की है हवाओं में एक अनकही झिझक कभी ख़ुद ' को क्या भीड में तन्हा पाया है क्या किसी अपने ने अजनबी बन हाथ छुड़ाया है वो जो मंज़िल थी सराब बनकर दूर खड़ी रही तुम चलते रहे मगर राहें वहीं पड़ी रहीं वो जो वादा था कागज़ पर स्याही सा बिखर गया तुम देखते रहे और वो चुपचाप गुज़र गया - ShareChat