महिषस्य वधे देव्या गणनाथः प्रपूजितः।
सदैव पार्वती पुत्रः ऋण नाशं करोतु मे॥ ॐ॥
अर्थ :
हे गणेश जी, जैसे देवी की विजय के समय आपकी पूजा हुई, वैसे ही आप मेरे सभी कर्ज और आर्थिक परेशानियों को दूर करें और जीवन में सुख-समृद्धि दें।
सच्चे मन से किया गया यह मंत्र जप धीरे-धीरे जीवन की रुकावटों को हटाकर तरक्की के रास्ते खोलता है 🙏 @raysveda को फ़ॉलो ज़रूर करें। https://www.instagram.com/raysveda/reels/
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