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#📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - V Instagram instagram.com { 4G 95 % 5:33 am Instagram Log In Open app विश्व भूगाल आकाशगंगा क्या है ? आकाशगंगा ( Galaxy ) तारों , गैस , धूल , ग्रहों , उपग्रहों , धूमकेतुओं , उल्काओं , डार्क मैटर और डार्क एनर्जी से बनी विशाल गुरुत्वाकर्षणीय प्रणाली है , जिसमें ये सभी 1. ब्रह्मांड एवं सौरमंडल ★ आकाशगंगा हेलो बत्ज डिस्क आकाशगंगा की मुख्य विशेषताएँ • यह बहुत विशाल होती है व्यास प्रकाश वर्ष में मापा जाता है । • इसमें अरबों से खरबों तारे होते हैं । • यह सितारे एक साथ गुरुत्वाकर्षण से बंधे रहते हैं । पदार्थ आपस में गुरुत्वाकर्षण द्वारा प्रकार संरचना / आकृति दीर्घवृत्ताकार ( Elliptical ) बंधे रहते हैं । आकाशगंगाओं के प्रकार विशेषताएँ कम गैस व धूल , बूटे तारे अधिक गैस एवं धूल • आकाशगंगाएँ विभिन्न आकार एवं प्रकार की होती हैं । • स्पाइरल भुजाएँ • हमारी आकाशगंगा को मिल्की वे ( दुग्धमेखला ) कहते हैं । • आकाशगंगा निरंतर गतिशील होती है । हमारी आकाशगंगा - मिल्की वे ( दुग्धमेखला ) उदाहरण • आकार सर्पिलाकार ( Spiral Galaxy ) अंडाकार / दीर्घवृत्त आकृति • व्यास लगभग 1,00,000 प्रकाश वर्ष गैलेटिक हेलो M87 • मोटी लगभग 1,000 प्रकाश वर्ष • तारों की संख्या 100 अरब से 400 अरब सर्पिलाकार चक्राकार डिस्क + ( Spikal ) स्पाइरल भुजाएँ अनियमित कोई निश्चित आकार ( Irregular ) नहीं गैस व धूल अधिक नए तारे बनते हैं गैस व धूल अधिक , तारे बिखरे हुए मिल्की वे ( Milky Way ) गैलेटिक बल्ज • सूर्य की स्थिति : मिल्की वे के ' ओरायन आर्म ' नामक भुजा में स्थित है । स्पाइरल आर्क्स lenticular ( लॅटिकुलर ) सर्पिल व दीर्घवृत्ताकार न कम गैस , न अधिक के बीच कम नए तारे बनते हैं सोमन गैलेक्सी ( M104 ) केंद्र में स्थित • दृश्य रूप सूर्य की स्थिति * आकाशगंगाओं के समूह • आकाशगंगाएँ अकेली नहीं पाई जातीं , ये समूहों में रहती हैं । • स्थानीय समूह ( Local Group ) इसमें मिल्की वे , एंड्रोमेडा गैलेक्सी ( M31 ) और अन्य छोटी आकाशगंगाएँ शामिल हैं । मैजेलेमिक क्लाउड • विरपो क्लस्टर ( Virgo Cluster ) : यह आकाशगंगाओं का एक बड़ा समूह है , जिसमें हजारों आकाशगंगाएँ हैं । • सुपरक्लस्टर ( Supercluster ) : कई क्लस्टर मिलकर सुपरक्लस्टर बनाते हैं । • लानीकिया सुपरक्लस्टर ( Laniakea Supercluster ) : इसमें हमारा विरगो क्लस्टर स्थित है । आकाशगंगा • घूर्णन काल सूर्य का आकाशगंगा के केंद्र का एक चक्कर लगाने में लगभग 22.5 से 25 करोड़ वर्ष लगते हैं । गैलेकटिक सेंटर • केंद्र का नाम : एक महाविशाल ब्लैक होल ( Sagittarius A * ) दूधिया धुंधली पट्टी की तरह दिखाई देती है , इसीलिए इसे दुग्धमेखला कहा जाता है । आकाशगंगा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सबसे बड़ी ज्ञात आकाशगंगा सबसे चमकीला भाग हमारे निकटतम पड़ोसी सबसे दूरस्थ ज्ञात आकाशगंगा समूह क्लस्टर सुपरक्लस्टर ब्रह्मांड आकाशगंगा की कुल संख्या महत्वपूर्ण परिभाषाएँ ★ प्रकाश वर्ष ( Light Year ) प्रकाश एक वर्ष में जितनी दूरी तय करता है , वह लगभग 9.46 ट्रिलियन किमी होती है । ★ डार्क मैटर : अदृश्य पदार्थ जो गुरुत्वाकर्षण के द्वारा प्रभाव डालता है । ★ डार्क एनर्जी ब्रह्मांड के ती विस्तार के लिए जिम्मेदार ऊर्जा । ★ गैलेकटिक वर्ष 25 करोड़ वर्ष सूर्य का आकाशगंगा के केंद्र का एक चक्कर लगाना 22.5 से आकाशगंगा की संरचना ( मिल्की वे ) गैलेटिक हेलो नेता ( eg aeser ) मिल्की वे को किन - किन नामों से जाना जाता है ? याद रखने की ट्रिक IC 1101 ( व्यास 60 लाख प्रकाश वर्ष ) गैलेकटिक सेंटर एंड्रोमेडा गैलेक्सी ( M31 ) दूरी 25 लाख प्रकाश वर्ष GN - 211 दूरी 134 अरब प्रकाश वर्ष ) अनुमानित 2 ट्रिलियन ( 2 लाख करोड़ से अधिक “ दी - स - अ - ले = दीर्घवृत्त , सर्पिल , अनियमित लेंटिकुलर ( Types of Galaxy ) दीर्घवृत्ताकार - सर्पिलाकार - अनियमित लेंटिकुलर परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु > मिल्की वे एक सर्पिलाकार आकाशगंगा है । सूर्य मिल्की वे की एक स्पाइरल भुजा में स्थित हैं । Save - ShareChat