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#जीवन की सीख
जीवन की सीख - अखिरी ख्वाहिश ज़िंदगी से दूर जा रही हूँ, अब मैं चुपचाप ' तुम्हारी | बिना किसी शिकायत, बिना किसी शोर के। क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से दिल पर और कोई बोझ बढ़े। तुम्हारे  हमारे बीच सिर्फ एक रिश्ता नहीं था, वो दो आत्माओं का मिलन था। भी वो उतना ही पवित्र और सच्चा है, 3ன जितना उस दिन था जब मैंने पहली बार तुम्हें अपने दिल में जगह दी थी। अखिरी ख्वाहिश ज़िंदगी से दूर जा रही हूँ, अब मैं चुपचाप ' तुम्हारी | बिना किसी शिकायत, बिना किसी शोर के। क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से दिल पर और कोई बोझ बढ़े। तुम्हारे  हमारे बीच सिर्फ एक रिश्ता नहीं था, वो दो आत्माओं का मिलन था। भी वो उतना ही पवित्र और सच्चा है, 3ன जितना उस दिन था जब मैंने पहली बार तुम्हें अपने दिल में जगह दी थी। - ShareChat