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⚔️ भारत को हराने से पहले अंग्रेज़ों ने भारत को बाँट दिया... ईस्ट इंडिया कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी सेना नहीं, बल्कि उसकी "फूट डालो और शासन करो" की नीति थी। 18वीं सदी में भारत कई रियासतों में बँटा हुआ था। मराठा, मैसूर, सिख, बंगाल, निज़ाम और अवध जैसे शक्तिशाली राज्य आपस में संघर्ष कर रहे थे। कंपनी ने इसी कमजोरी का फायदा उठाया— 🔹 एक राज्य से दोस्ती, दूसरे से दुश्मनी। 🔹 आपसी अविश्वास को बढ़ावा। 🔹 हर संघर्ष के बाद अपना प्रभाव और नियंत्रण मजबूत किया। यही रणनीति धीरे-धीरे पूरे भारत पर अंग्रेज़ी शासन की नींव बन गई। 📖 इतिहास हमें सिखाता है कि जब समाज बंटता है, तो बाहरी शक्तियाँ मजबूत होती हैं। ऐसे ही इतिहास के अनसुने और रोचक अध्याय पढ़ने के लिए @hiddenchapters.bygarima को फॉलो करें। #IndianHistory #EastIndiaCompany #DivideAndRule #HistoryFacts #भारत_का_इतिहास #ShareChat #HiddenChapters #EducationalContent #mystery #mysterious #moj_content #knowledge
mystery - SLIDE 5/8 ईस्ट इंडिया कंपनी ने पूरे भारत पर कब्जा कैसे कर लिया? भारतीय राज्यों মমূং मराठा सिख बंगाल निज़ाम  की आपसी फूट सदी में भारत अनेक रियासतों १८वीं और राज्यों में बँटा हुआ था। मैसूर, सिख, निज़ाम, बंगाल, मराठा, अवध और अन्य शक्तियाँ अक्सर आपस में संचर्ष करती थीं। कंपनी ने किसी एक से दोस्ती की और दूसरे से दुश्मनी करके अपना LNDLN स्वार्थ साधा | इसी विभाजन और अविश्वास का ४फूट डालो और शासन करो॰ लाभ उठाकर कंपनी ने धीरे धीरे कंपनी की सबसे बड़ी रणनीति बन गई। अपना प्रभाव पूरे भारत में फैला लिया। निज़ाम की निर्भरता मैसूर अवध की कमजोरी नतीजा मराठा बनाम मराठा और मैसूर के संचर्ष में निज़ाम को कंपनी की सेना की एक-एक कर होने की कीमत अवध को कमजोर बताकर कंपनी ने कभी मराठा तो कभी जरूरत थी, कंपनी ने बदले में কণনী ন ওম পং মী সপনা भारत ने अपनी आज़ादी राजनीतिक नियंत्रण पाया।  मैसूर का साथ दिया। সমান ননামা| खोकर चुकाई | @hiddenchaptersbygarima SLIDE 5/8 ईस्ट इंडिया कंपनी ने पूरे भारत पर कब्जा कैसे कर लिया? भारतीय राज्यों মমূং मराठा सिख बंगाल निज़ाम  की आपसी फूट सदी में भारत अनेक रियासतों १८वीं और राज्यों में बँटा हुआ था। मैसूर, सिख, निज़ाम, बंगाल, मराठा, अवध और अन्य शक्तियाँ अक्सर आपस में संचर्ष करती थीं। कंपनी ने किसी एक से दोस्ती की और दूसरे से दुश्मनी करके अपना LNDLN स्वार्थ साधा | इसी विभाजन और अविश्वास का ४फूट डालो और शासन करो॰ लाभ उठाकर कंपनी ने धीरे धीरे कंपनी की सबसे बड़ी रणनीति बन गई। अपना प्रभाव पूरे भारत में फैला लिया। निज़ाम की निर्भरता मैसूर अवध की कमजोरी नतीजा मराठा बनाम मराठा और मैसूर के संचर्ष में निज़ाम को कंपनी की सेना की एक-एक कर होने की कीमत अवध को कमजोर बताकर कंपनी ने कभी मराठा तो कभी जरूरत थी, कंपनी ने बदले में কণনী ন ওম পং মী সপনা भारत ने अपनी आज़ादी राजनीतिक नियंत्रण पाया।  मैसूर का साथ दिया। সমান ননামা| खोकर चुकाई | @hiddenchaptersbygarima - ShareChat