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#शुभ प्रभात #शुभ मंगलवार
शुभ प्रभात - ಊೂ೫ அனஜி ১ঋ 9 ٤؟ rtrt शुभ प्रभात Y১$ बिकती हैं ना कहीं ख़ुशी ४ ना कहीं गम बिकता है॰ लोग गलतफहमी में हैं की शायद कहीं मरहम बिकता ह इंसान ख्वाहिशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा हैं उम्मीदों पर ही घायल हैं. उम्मीदों पर ही जिंदा हैं. 1 ಊೂ೫ அனஜி ১ঋ 9 ٤؟ rtrt शुभ प्रभात Y১$ बिकती हैं ना कहीं ख़ुशी ४ ना कहीं गम बिकता है॰ लोग गलतफहमी में हैं की शायद कहीं मरहम बिकता ह इंसान ख्वाहिशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा हैं उम्मीदों पर ही घायल हैं. उम्मीदों पर ही जिंदा हैं. 1 - ShareChat