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#☝ मेरे विचार #🙏Motivational डायलॉग💬 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
☝ मेरे विचार - *जड़ से बढ़कर प्राण है, प्राण से बढ़कर मन। मन से बढ़कर बुद्धि है और बुद्धि से बढ़कर विवेक। विवेक से बढ़कर चेतना है और चेतना से बढ़कर आत्मा| आत्मा ही सभी को धारण करने वाली है और इस आत्मा को धारण करने वाला परमात्मा है। *्धरती से बढ़कर जल है, जल से बढ़कर अग्नि। अग्नि से बढ़कर वायु है और वायु से बढ़कर आकाश| आकाश से बढ़कर महत् है और महत् से बढ़कर आत्मा। आत्मा से बढ़कर वह एकमात्र परमात्मा ही सभी को धारण करने वाला है। *जड़ से बढ़कर प्राण है, प्राण से बढ़कर मन। मन से बढ़कर बुद्धि है और बुद्धि से बढ़कर विवेक। विवेक से बढ़कर चेतना है और चेतना से बढ़कर आत्मा| आत्मा ही सभी को धारण करने वाली है और इस आत्मा को धारण करने वाला परमात्मा है। *्धरती से बढ़कर जल है, जल से बढ़कर अग्नि। अग्नि से बढ़कर वायु है और वायु से बढ़कर आकाश| आकाश से बढ़कर महत् है और महत् से बढ़कर आत्मा। आत्मा से बढ़कर वह एकमात्र परमात्मा ही सभी को धारण करने वाला है। - ShareChat