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Ks Dass - Author on ShareChat
Ks Dass
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#🗣कबीर अमृतवाणी📢

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  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    सत साहेब कबीर प्रसिद्ध दोहा कबीर साहेब जी का साहब काम , क्रोध , मद , लोभ की। जब लग घट में खान। । कह्वां पंडिता | कह्यां मूर्ख दोनों एक समान। | कोध काम है कि जब तक मनुष्य के अर्थ इसका हृदय या शरीर रूपी घर ( घट ) में काम , क्रोध , मद ( अहंकार ) और लोभ  लोभ जैसे दुर्गुणों का भंडार रहता है, HG तब तक ज्ञानी ( पंडित ) और अज्ञानी (मूर्ख) दोनों एक समान हैं। किताबी ज्ञान का कोई महत्त नहीं है मूर्ख और पंडित यदि मन इन बुराइयों से मुक्त न हो। दाना एक समान दोहे का मुख्य संदेश (हदय /शरीर ) मूर्ख और पंडित वास्त्वविक ज्ञान C खान वाहरी ज्ञान या असली ज्ञानी इन युरे जिव तक भन के अज्ञान से फर्क भीतर ये विकार या संत बही ह गुरणों का नहीं पडता  जो इन विकारों  छिपे हें। आंतरिक स्थिति खजाना या खोत।  दोनों की एक का त्याग कर दे। जिसी होती हे। पहले मन के विकारों को त्यागें , तभी सच्चा ज्ञान और मोक्ष संभव है। अतः मन को निर्मल बनाओ , विकारों से मुक्त हो जाओ , परमात्मा को पाओ। মন মEন सत साहेब कबीर प्रसिद्ध दोहा कबीर साहेब जी का साहब काम , क्रोध , मद , लोभ की। जब लग घट में खान। । कह्वां पंडिता | कह्यां मूर्ख दोनों एक समान। | कोध काम है कि जब तक मनुष्य के अर्थ इसका हृदय या शरीर रूपी घर ( घट ) में काम , क्रोध , मद ( अहंकार ) और लोभ  लोभ जैसे दुर्गुणों का भंडार रहता है, HG तब तक ज्ञानी ( पंडित ) और अज्ञानी (मूर्ख) दोनों एक समान हैं। किताबी ज्ञान का कोई महत्त नहीं है मूर्ख और पंडित यदि मन इन बुराइयों से मुक्त न हो। दाना एक समान दोहे का मुख्य संदेश (हदय /शरीर ) मूर्ख और पंडित वास्त्वविक ज्ञान C खान वाहरी ज्ञान या असली ज्ञानी इन युरे जिव तक भन के अज्ञान से फर्क भीतर ये विकार या संत बही ह गुरणों का नहीं पडता  जो इन विकारों  छिपे हें। आंतरिक स्थिति खजाना या खोत।  दोनों की एक का त्याग कर दे। जिसी होती हे। पहले मन के विकारों को त्यागें , तभी सच्चा ज्ञान और मोक्ष संभव है। अतः मन को निर्मल बनाओ , विकारों से मुक्त हो जाओ , परमात्मा को पाओ। মন মEন
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  • कीर्तन साहू - Author on ShareChat
    🇮🇳 🚩कीर्तन साहू 🚩🇮🇳
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏प्रातः वंदन
    हिन्दू कहें मोहि राम पियारा , कहें रहमाना , নক आपस में दोउ लडी-्लड़ी मुए, मरम न कोउ जाना। & 3Tల:- कबीर कहते हैं कि राम के भक्त हैं और तुर्क (मुस्लिम ) को रहमान प्यारा हे॰ इसी aal पर दोनों लड़-्लड़ कर मौत के मुंह में ম নাঁ पहुंचे, तब भी में से कोई सच को न जान पाया। संत कबीर दास हिन्दू कहें मोहि राम पियारा , कहें रहमाना , নক आपस में दोउ लडी-्लड़ी मुए, मरम न कोउ जाना। & 3Tల:- कबीर कहते हैं कि राम के भक्त हैं और तुर्क (मुस्लिम ) को रहमान प्यारा हे॰ इसी aal पर दोनों लड़-्लड़ कर मौत के मुंह में ম নাঁ पहुंचे, तब भी में से कोई सच को न जान पाया। संत कबीर दास
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  • Rakesh Sihag - Author on ShareChat
    Rakesh Sihag
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #🙏प्रातः वंदन
    20 ShareChat @ মনু a@ 76[3([, बॅगुला कपटी अंग। तासों तो कौआ भला, तन मन एकहि रंग।| ಹ31 बगुला तन और मन तन उजला कपटी दोनों एक ப अर्थ (Hinglish) Jo bahar se accha dikhe lekin andar se kapti ho, wo badi bimaari hai Usse behtar hai wo jo jaisa dikhta hai waisa hi hota hai. Saccha insaan wahi hai jiska tan aur man ek jaise hote hain dhanmesha timbadia] HT Munt 20 ShareChat @ মনু a@ 76[3([, बॅगुला कपटी अंग। तासों तो कौआ भला, तन मन एकहि रंग।| ಹ31 बगुला तन और मन तन उजला कपटी दोनों एक ப अर्थ (Hinglish) Jo bahar se accha dikhe lekin andar se kapti ho, wo badi bimaari hai Usse behtar hai wo jo jaisa dikhta hai waisa hi hota hai. Saccha insaan wahi hai jiska tan aur man ek jaise hote hain dhanmesha timbadia] HT Munt
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  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    देखानदेखी भक्ति का, कबहूँ न चढ़सी रंग। विपति पडे़े यों छाड़सी , केंचुलि तजत gள்TII को देखकर की गई भक्ति दूसरों  सच्ची नहीं होती। ऐसी भक्ति का प्रभाव स्थायी नहीं रहता। संकट आने पर व्यक्ति उसे वैसे ही छोड़ देता है, जैसे साँप अपनी केंचुली (पुरानी खाल) छोड़ देता है। देखानदेखी भक्ति का, कबहूँ न चढ़सी रंग। विपति पडे़े यों छाड़सी , केंचुलि तजत gள்TII को देखकर की गई भक्ति दूसरों  सच्ची नहीं होती। ऐसी भक्ति का प्रभाव स्थायी नहीं रहता। संकट आने पर व्यक्ति उसे वैसे ही छोड़ देता है, जैसे साँप अपनी केंचुली (पुरानी खाल) छोड़ देता है।
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  • ANSHU CREATION - Author on ShareChat
    ANSHU ✍️ CREATION
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    कुबीरदास তী ক सबसे खास अमृतवणी देखन में चला , बुरा न मिलिया कोय , बुरा जो जो दिल खोजा आपना , बुरा न कोय। मुझसे जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान , मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान | ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय , औरन को शीतल करे , आपहुं शीतल होय। माला फेरत जुग भया , फिरा न मन का फेर, कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर | जब में था तब हरि नहीं , अब हरि हैं में नाहीं , सब अँधियारा मिट गया, दीपक देख्या माहीं | कबिरा खडा बाज़ार में , मागे सबकी खैर , काहू से दोस्ती , ना काहू से बैर| ना sharechat anshucretion कुबीरदास তী ক सबसे खास अमृतवणी देखन में चला , बुरा न मिलिया कोय , बुरा जो जो दिल खोजा आपना , बुरा न कोय। मुझसे जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान , मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान | ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय , औरन को शीतल करे , आपहुं शीतल होय। माला फेरत जुग भया , फिरा न मन का फेर, कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर | जब में था तब हरि नहीं , अब हरि हैं में नाहीं , सब अँधियारा मिट गया, दीपक देख्या माहीं | कबिरा खडा बाज़ार में , मागे सबकी खैर , काहू से दोस्ती , ना काहू से बैर| ना sharechat anshucretion
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  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    नींद निशानी मौत की, उठ कबीरा जाग और रसायन छांड़ि के, नाम रसायन लाग Il नींद निशानी मौत की, उठ कबीरा जाग और रसायन छांड़ि के, नाम रसायन लाग Il
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  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢
    चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह| जिन्हें कछु न चाहिए, वो शाहन के शाहIl 10»6 चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह| जिन्हें कछु न चाहिए, वो शाहन के शाहIl 10»6
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  • कबीर दास (साहेब) - Author on ShareChat
    कबीर दास (साहेब)
    #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏 प्रेरणादायक विचार #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन
    कबीर अमृतवाणी, आध्यात्मिकता
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  • AP advait - Author on ShareChat
    AP advait 🔥
    कबीर साहब 🙏🏻❤️ #sant Kabir vani #🙏Sant Kabir☺ #realty of life #Aachrya parsant #Life Truth
    चलती चक्की देख के दिया कबीरा रोय | दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय || कबीर साहब~~ NN चलती चक्की देख के दिया कबीरा रोय | दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय || कबीर साहब~~ NN
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