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#points to ponder #सोचने वाली बात #islam guide us in every field of life #*let us understand our religion #*આપણે વિચારીશું ખરા?*
points to ponder - "जो व्यक्ति अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, उसे चाहिए कि वह अच्छी बात कहे या चुप रहे। और जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, वह अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दे (या उसका अपमान न करे)। और जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, वह अपने मेहमान की इज़्ज़त और ख़ातिरदारी करे।" संदर्भः सहीह अल-्बुख़ारी 6४७५ (२) अल्लाह के रसूल (औls) ने फरमायाः "बेशक किसी व्यक्ति के इस्लाम की खूबसूरती (उत्कृष्टता ) यह है कि वह उन बातों को छोड़ दे जो उससे संबंधित नहीं हैं।" (दर्ज़ाः ज़ईफ़ दारुस्सलाम) న संदर्भः जामिअ अत-तिर्मिज़ी २३१७ 29/4/26 "  ~ 4 "जो व्यक्ति अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, उसे चाहिए कि वह अच्छी बात कहे या चुप रहे। और जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, वह अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दे (या उसका अपमान न करे)। और जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, वह अपने मेहमान की इज़्ज़त और ख़ातिरदारी करे।" संदर्भः सहीह अल-्बुख़ारी 6४७५ (२) अल्लाह के रसूल (औls) ने फरमायाः "बेशक किसी व्यक्ति के इस्लाम की खूबसूरती (उत्कृष्टता ) यह है कि वह उन बातों को छोड़ दे जो उससे संबंधित नहीं हैं।" (दर्ज़ाः ज़ईफ़ दारुस्सलाम) న संदर्भः जामिअ अत-तिर्मिज़ी २३१७ 29/4/26 "  ~ 4 - ShareChat