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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं सबके उर रहहीं , नाथ पुरान निगम सुमति कुमति तहं संपति नाना, अस कहहीं , जहां सुमति जहां कुमति तहं विपति निदाना  गोस्वामी तुलसीदास जी कहते है कि सबके मन में अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के विचार रहते हैं लेकिन जहां अच्छे विचार होंगे वहां समृद्धि आएगी ही और जहां बुरे विचार होंगे वहां विपत्ति अर्थात् अभाव होना निश्चित है। अच्छे विचार दृष्टिकोण हो तो मन निर्मल और तनावमुक्त रहता है और इस या सकारात्मक प्रकार का व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और सुख समृद्धि प्राप्त कर पाने ম মব্চল কীনা ট1 हरि शरणं सबके उर रहहीं , नाथ पुरान निगम सुमति कुमति तहं संपति नाना, अस कहहीं , जहां सुमति जहां कुमति तहं विपति निदाना  गोस्वामी तुलसीदास जी कहते है कि सबके मन में अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के विचार रहते हैं लेकिन जहां अच्छे विचार होंगे वहां समृद्धि आएगी ही और जहां बुरे विचार होंगे वहां विपत्ति अर्थात् अभाव होना निश्चित है। अच्छे विचार दृष्टिकोण हो तो मन निर्मल और तनावमुक्त रहता है और इस या सकारात्मक प्रकार का व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और सुख समृद्धि प्राप्त कर पाने ম মব্চল কীনা ট1 - ShareChat