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#चुनावी छंद #मेरी कविता
चुनावी छंद - "चुनावी छंद" (इंद्रजीत पाली) भारी मतों से हो गईं, ममता दी परास्त। इस्तीफा देंगी नहीं, कब होंगी बर्खास्त। | कब होंगी बर्खास्त हार की खीज है भारी। सत्ता मोह की दीदी को है, लगी बीमारी।| बिना, यहां ना हिलता पत्ता। संविधान के सदा रहा ना राज, रही ना किसी की सत्ता।। ! তয ৪ী যাম ! "चुनावी छंद" (इंद्रजीत पाली) भारी मतों से हो गईं, ममता दी परास्त। इस्तीफा देंगी नहीं, कब होंगी बर्खास्त। | कब होंगी बर्खास्त हार की खीज है भारी। सत्ता मोह की दीदी को है, लगी बीमारी।| बिना, यहां ना हिलता पत्ता। संविधान के सदा रहा ना राज, रही ना किसी की सत्ता।। ! তয ৪ী যাম ! - ShareChat