ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - 12 1 11 2 HO 5 वक़्त के गिरेबान से खूशिया झाड लो, जो पन्ना काम का नहीं है उसे जिंदगी की किताब से फाड़ लो..!! 12 1 11 2 HO 5 वक़्त के गिरेबान से खूशिया झाड लो, जो पन्ना काम का नहीं है उसे जिंदगी की किताब से फाड़ लो..!! - ShareChat