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#😒दर्द भरी शायरी🌸 #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
😒दर्द भरी शायरी🌸 - दुआ मांगी थी दो पल मुस्कुराने की, सज़ा मिली किसी से दिल लगाने की. हम कैसे भरोसा करें इन हुस्न वालों पर, इनकी तो आदत है दिल तोड़ जाने की. दुआ मांगी थी दो पल मुस्कुराने की, सज़ा मिली किसी से दिल लगाने की. हम कैसे भरोसा करें इन हुस्न वालों पर, इनकी तो आदत है दिल तोड़ जाने की. - ShareChat