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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
❤️अस्सलामु अलैकुम - इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिउन यह दुआ किसी के मरने के बाद पढी जाती है इस लोगों ने इसे वहीं तक महदूद कर दिया है लिए जबकि यह दुआ किसी भी मुसीबत के समय अपने आपको अल्लाह के हवाले करने के लिए है। किसी का इंतकाल हो गया, कोई चीज़ खो गई, कारोबार में नुकसान पहुंचा, हुई फसल कम मुकदमा हार गए, किसी चीज़ से डर लगा, जालिम की नौबत आ गई है, या का सामना है, भूखमरी  कोई हादसा या किसी भी किस्म की नुक़सान हो আৎ हालतों में इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही I राजिऊन कहते हुए अपने आप को अल्लाह के हवाले कर देना है कि अब हम से नहीं हो सकता आप ही संभालों हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ़ लौट जाने वाले हैं। इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिउन यह दुआ किसी के मरने के बाद पढी जाती है इस लोगों ने इसे वहीं तक महदूद कर दिया है लिए जबकि यह दुआ किसी भी मुसीबत के समय अपने आपको अल्लाह के हवाले करने के लिए है। किसी का इंतकाल हो गया, कोई चीज़ खो गई, कारोबार में नुकसान पहुंचा, हुई फसल कम मुकदमा हार गए, किसी चीज़ से डर लगा, जालिम की नौबत आ गई है, या का सामना है, भूखमरी  कोई हादसा या किसी भी किस्म की नुक़सान हो আৎ हालतों में इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही I राजिऊन कहते हुए अपने आप को अल्लाह के हवाले कर देना है कि अब हम से नहीं हो सकता आप ही संभालों हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ़ लौट जाने वाले हैं। - ShareChat