
२८ प्रतिक्रिया | घमण्ड जेब मे रखिये घमंड तभी तक रहता है जब तक रिपोर्ट नॉर्मल आती है। जिस दिन डॉक्टर कह दे कि "अब सब भगवान के हाथ में है। उसी दिन सारी अकड़ पिघल जाती है ना बैंक बैलेंस बोलता है। ना गाड़ी, ना बंगला। आईसीयू के बाहर सब बराबर खड़े होते हैं। वहां नोट नहीं चलते l वहां सांसें गिनी जाती हैंl जिंदगी ने एक झटका दिया नहीं की समझ आ जाता हैl "तू मालिक नहीं मेहमान था ! " इसलिए घमंड जेब में रखेl | Shashikant Kumar

