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रायपुर_की_खबरें - ಕPT೯ epaper haribhoomi com Raipur Main 24 Apr 2026 PAGE 2 पॉवर कंपनी ने ६३ सौ करोड़ के घाटे की लगाई है याचिका अगले माह से लग सकता है महंगी बिजली का झटका घाटे के हिसाब से नया टैरिफ तय करने आयोग में चल रहा मंथन बढ़ेगा टैरिफ बिजली नियामक आयोग अब हरिभूमि न्यूज M। रायपुर जनसुनवाई के बाढ लेखा जोखा  देख रहा है। आयोग तय करेगा प्रदेशभर के ६५ लाख बिजली कितन  कि वास्तव मे कंपनी का उपभोक्ताओं को नए सत्र में महंगी घाटा मान्य होगा। जानकारों के बिजली का झटका लगना   तय है। मुताबिक अगर आयोग ने ६३ सौ करोडके घाटे को पांचहजार अब यह झटका कितना बड़ा होगा करोड भी माना तो इसके कारण হুমক্কা উমলা কনে স নিভলী बिजली की कीमत २० फीरदी लगा हुआ है। नियामक आयोग तक बढानी पडेगी। बीते साल अब तक इस पर कोई फैसला नहीं पांच सौकरोड़ का घाटा मानने हाे सका हे। आयोग ने छत्तीसगढ़ परदो फीसदी दाम बढे थे। ऐसे सरकार की सब्सिडी से मिल सकती है राहत राज्य पॉवर कंपनी से और कुछ मे आयोग मी परेशान है कि जानकारी मांगी थी, वह जानकारी आखिर क्या किया जाए। ऐसे मे आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे घाटे को तीन साल तक तीन  फैसला   लेने में थोडा विलंबहो आने के बाद अब अंतिम मंथन किस्तों मेभी जा सकता है लेकिन ऐसा करने पर आरडीएसएस बटा रहा हे।जितना घाटा नए सत्र में चल रहा है। संभावना है कि इस योजना के तहत केंद्र ररकार को पॉवर कपनी कोजो विभिन्न योजनाओं पूरा करने की मंजूरी मिलेगी माह केअंत में नए टैरिफ का ऐलान में करोड़ों रुपए की मदद मिलती है॰वह प्रभावितहो सकती है।ऐसे में एक उसके हिसाब रो टैरिफ मेॅ रास्ता यह हे कि जिस तरह सेदो साल पहले राज्य सरकार ने हजार कर इसे अगले माह से लागू किया इजाफा होगा। आयोग की मंशा  करोड को राब्सिडी दे दो थी ते कीमत कम  बढी थो। इस बार भी राज्य है कि टैरिफ में ज्यादा इजाफा न जाएगा। ररकार अगर सब्सिडी दे देगी को उपमोव्ताओं को राहत मिल रकतो है। ক্রণনী ন নয মন্স करना पड़। पावर होगी। नए सत्र में २६ सौ करोड़ २०२६-२७ के लिए पूरा लेखा-  बताया गया है। ऐसे में ७५६  करोड़ काफायदा   होगा, लेकिन इसी के का  राजस्व मिलेगा  पुराना घाटा जोखा बनाकर नियामक आयोग में   नए टैरिफ के लिए  याचिका सौ करोड़ है॰ ऐसे में नए सत्र পিবল মনা ক্ষী ওন ক্ষী साथ 63 ३२ हजार पांच सौ লিব ক্তল दायर को है। इस याचिका में రగ राशि का उल्लेख करते हुए गया है कि नए सत्र 4 बताया गया है कि प्रचलित दर से करोड़ से ज्यादा के राजस्व बताया क है। इस जरूरत फायदे को पुराने अंतर को राशि में २६२१६   करोड़ का राजस्व मिलने जरूरत बताई गई है। इसी के साथ करने   के बाद भी॰ ६३ सौ के हिसाब से ही॰नया टैरिफ तय ক্ী সপাননা कम करने की मांग रखी गई है। करोड़ के राजस्व को और जरूरत सालभर का खर्च २५४६०   करोड़ ಕPT೯ epaper haribhoomi com Raipur Main 24 Apr 2026 PAGE 2 पॉवर कंपनी ने ६३ सौ करोड़ के घाटे की लगाई है याचिका अगले माह से लग सकता है महंगी बिजली का झटका घाटे के हिसाब से नया टैरिफ तय करने आयोग में चल रहा मंथन बढ़ेगा टैरिफ बिजली नियामक आयोग अब हरिभूमि न्यूज M। रायपुर जनसुनवाई के बाढ लेखा जोखा  देख रहा है। आयोग तय करेगा प्रदेशभर के ६५ लाख बिजली कितन  कि वास्तव मे कंपनी का उपभोक्ताओं को नए सत्र में महंगी घाटा मान्य होगा। जानकारों के बिजली का झटका लगना   तय है। मुताबिक अगर आयोग ने ६३ सौ करोडके घाटे को पांचहजार अब यह झटका कितना बड़ा होगा करोड भी माना तो इसके कारण হুমক্কা উমলা কনে স নিভলী बिजली की कीमत २० फीरदी लगा हुआ है। नियामक आयोग तक बढानी पडेगी। बीते साल अब तक इस पर कोई फैसला नहीं पांच सौकरोड़ का घाटा मानने हाे सका हे। आयोग ने छत्तीसगढ़ परदो फीसदी दाम बढे थे। ऐसे सरकार की सब्सिडी से मिल सकती है राहत राज्य पॉवर कंपनी से और कुछ मे आयोग मी परेशान है कि जानकारी मांगी थी, वह जानकारी आखिर क्या किया जाए। ऐसे मे आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे घाटे को तीन साल तक तीन  फैसला   लेने में थोडा विलंबहो आने के बाद अब अंतिम मंथन किस्तों मेभी जा सकता है लेकिन ऐसा करने पर आरडीएसएस बटा रहा हे।जितना घाटा नए सत्र में चल रहा है। संभावना है कि इस योजना के तहत केंद्र ररकार को पॉवर कपनी कोजो विभिन्न योजनाओं पूरा करने की मंजूरी मिलेगी माह केअंत में नए टैरिफ का ऐलान में करोड़ों रुपए की मदद मिलती है॰वह प्रभावितहो सकती है।ऐसे में एक उसके हिसाब रो टैरिफ मेॅ रास्ता यह हे कि जिस तरह सेदो साल पहले राज्य सरकार ने हजार कर इसे अगले माह से लागू किया इजाफा होगा। आयोग की मंशा  करोड को राब्सिडी दे दो थी ते कीमत कम  बढी थो। इस बार भी राज्य है कि टैरिफ में ज्यादा इजाफा न जाएगा। ररकार अगर सब्सिडी दे देगी को उपमोव्ताओं को राहत मिल रकतो है। ক্রণনী ন নয মন্স करना पड़। पावर होगी। नए सत्र में २६ सौ करोड़ २०२६-२७ के लिए पूरा लेखा-  बताया गया है। ऐसे में ७५६  करोड़ काफायदा   होगा, लेकिन इसी के का  राजस्व मिलेगा  पुराना घाटा जोखा बनाकर नियामक आयोग में   नए टैरिफ के लिए  याचिका सौ करोड़ है॰ ऐसे में नए सत्र পিবল মনা ক্ষী ওন ক্ষী साथ 63 ३२ हजार पांच सौ লিব ক্তল दायर को है। इस याचिका में రగ राशि का उल्लेख करते हुए गया है कि नए सत्र 4 बताया गया है कि प्रचलित दर से करोड़ से ज्यादा के राजस्व बताया क है। इस जरूरत फायदे को पुराने अंतर को राशि में २६२१६   करोड़ का राजस्व मिलने जरूरत बताई गई है। इसी के साथ करने   के बाद भी॰ ६३ सौ के हिसाब से ही॰नया टैरिफ तय ক্ী সপাননা कम करने की मांग रखी गई है। करोड़ के राजस्व को और जरूरत सालभर का खर्च २५४६०   करोड़ - ShareChat