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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🌷शुभ सोमवार #🙏राम राम जी
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - कार्य बाधा , मानसिक तनाव चंद्र राहु कुंडली में लग्न राहू को संघर्ष का कारक कहा गया है।यदि जन्म  भाव में राहू हो या फिर लग्नेश से राहू की युति हो तो जातक को कार्य में बाधा की वजह से मानसिक तनाव होता है। में राहू  में हो या फिर राहू चंद्र इसी तरह जन्मकुंडली " 4 भाव चतुर्थ  की युति हो , इन सब स्थिती में भी जातक को आसपास के माहोल की वजह से डर और तनाव की स्थिती बनती यदि जन्मकुंडली में राहू पंचम भाव में हो या फिर सूर्य राहू की युति हो या राहू की दृष्टि सूर्य पर हो , इन स्थिती में भी जातक को अपने परिवार या बॉस की वजह से मानसिक तनाव होता है। जन्म कुंडली में है जिसकी वजह से अगर राहु की उपरोक्त स्थिति मानसिक समस्या , नौकरी में समस्या हो रही है तो राहु की शांति के उपाय करने चाहिए। शांति के लिए शनिवार या बुधवार के दिन   माता सरस्वती राहु की या दुर्गा माता को नारियल भेंट करना चाहिए, धर्मस्थल में साफ सफाई का सामान दान करना चाहिए, मंदिर में सफाई सेवा के कार्य करने चाहिए। चींँटियों को आटा और चीनी मिला कर देना चाहिए, नीले वस्त्र दान लिए करने चाहिए। चंद्र की मजबूती के के दिन चंद्र के मंत्र पूर्णिमा ऊँ सोम सोमाय नमः का जप करना चाहिए पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी विष्णु  जी की पूजा करनी चाहिए। घर में गंगाजल पूजा स्थान में रखना चाहिए। कार्य बाधा , मानसिक तनाव चंद्र राहु कुंडली में लग्न राहू को संघर्ष का कारक कहा गया है।यदि जन्म  भाव में राहू हो या फिर लग्नेश से राहू की युति हो तो जातक को कार्य में बाधा की वजह से मानसिक तनाव होता है। में राहू  में हो या फिर राहू चंद्र इसी तरह जन्मकुंडली " 4 भाव चतुर्थ  की युति हो , इन सब स्थिती में भी जातक को आसपास के माहोल की वजह से डर और तनाव की स्थिती बनती यदि जन्मकुंडली में राहू पंचम भाव में हो या फिर सूर्य राहू की युति हो या राहू की दृष्टि सूर्य पर हो , इन स्थिती में भी जातक को अपने परिवार या बॉस की वजह से मानसिक तनाव होता है। जन्म कुंडली में है जिसकी वजह से अगर राहु की उपरोक्त स्थिति मानसिक समस्या , नौकरी में समस्या हो रही है तो राहु की शांति के उपाय करने चाहिए। शांति के लिए शनिवार या बुधवार के दिन   माता सरस्वती राहु की या दुर्गा माता को नारियल भेंट करना चाहिए, धर्मस्थल में साफ सफाई का सामान दान करना चाहिए, मंदिर में सफाई सेवा के कार्य करने चाहिए। चींँटियों को आटा और चीनी मिला कर देना चाहिए, नीले वस्त्र दान लिए करने चाहिए। चंद्र की मजबूती के के दिन चंद्र के मंत्र पूर्णिमा ऊँ सोम सोमाय नमः का जप करना चाहिए पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी विष्णु  जी की पूजा करनी चाहिए। घर में गंगाजल पूजा स्थान में रखना चाहिए। - ShareChat