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#📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी #एक रचना रोज़✍ #💚 लाइफ़ की शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह
📓 हिंदी साहित्य - आख़िरचो क्यों चला गया॰ 000 सबकुछ सबको छोड़कर२ उस रास्ते पर जिहाँ उसे भूख के अलावा कुछ नहीं मिलना था, और अकेलेपन के सिवा कोई साथ नहीं ] परजाते जाते॰ वो रुका था। बस एकपल के लिए ही सही , रुका था। पीछे मुड़कर देखा भी= अपनों को, अपनी जानी पहुचानी जगहु को, उस जिंदगी को॰ जो अब तक उसकी थी। उस एकपल में उसने क्या सोचा होगा? डरा होगा२ या फिर कुछ ऐसा , जो हमारी समझ, भाषा से बहुत परे है? हमारी true woाdड आख़िरचो क्यों चला गया॰ 000 सबकुछ सबको छोड़कर२ उस रास्ते पर जिहाँ उसे भूख के अलावा कुछ नहीं मिलना था, और अकेलेपन के सिवा कोई साथ नहीं ] परजाते जाते॰ वो रुका था। बस एकपल के लिए ही सही , रुका था। पीछे मुड़कर देखा भी= अपनों को, अपनी जानी पहुचानी जगहु को, उस जिंदगी को॰ जो अब तक उसकी थी। उस एकपल में उसने क्या सोचा होगा? डरा होगा२ या फिर कुछ ऐसा , जो हमारी समझ, भाषा से बहुत परे है? हमारी true woाdड - ShareChat