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#जीवन की सच्ची बातें
जीवन की सच्ची बातें - दम घुट रहा है इस जिंदगी से. खुल कर रो भी नहीं सकते और दर्द इतना है कि किसी से कुछ कह भी नहीं सकते !!! 04 निपढसको तो ही पंगा लेना मुझसे क्योंकि ! छेड़ने वालों को छोड़ने की आदत नहीं है हमारी ! <8 दम घुट रहा है इस जिंदगी से. खुल कर रो भी नहीं सकते और दर्द इतना है कि किसी से कुछ कह भी नहीं सकते !!! 04 निपढसको तो ही पंगा लेना मुझसे क्योंकि ! छेड़ने वालों को छोड़ने की आदत नहीं है हमारी ! <8 - ShareChat