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#🌛 शुभरात्रि
🌛 शुभरात्रि - मुठ्ठियों में क़ैद हैं जो खुशियाँ, सब में बांट दो 17 आपकी हो या मेरी ही, हथेलियां एक दिन तो खाली ही जानी हैंः. _ शुभ रात्री॰ (ು मुठ्ठियों में क़ैद हैं जो खुशियाँ, सब में बांट दो 17 आपकी हो या मेरी ही, हथेलियां एक दिन तो खाली ही जानी हैंः. _ शुभ रात्री॰ (ು - ShareChat