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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - "बात गहरी है, दुबारा पढ़ो" हवाएं माफ़ी मांग भी ले तो क्या, टूटी हुई टहनी तो टूटी ही रहती है। "बात गहरी है, दुबारा पढ़ो" हवाएं माफ़ी मांग भी ले तो क्या, टूटी हुई टहनी तो टूटी ही रहती है। - ShareChat