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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - दुनिया की नजर में सबके लिए अच्छा बुरा जो इस दिखाया गया है वैसा वो समझता है जो जैसा जिसने बताया उसने उसको वैसा सही और गलत में वह सही है , मेरी मान लिया मगर क्या सच नजर में सब गलत है क्योंकि हमारी शुरुआत ही गलत से हुई हमने अपनी जिंदगी को बनाया पेड़ पौधों को काट के और किसी की हत्या करके आप कितना मर्जी कुछ भी बन जाते बना ले लेकिन आप हत्यारे ही कहलाएंगे एक फूल को तोड़ना तक हत्या कहलाता है दुनिया की नजर में सबके लिए अच्छा बुरा जो इस दिखाया गया है वैसा वो समझता है जो जैसा जिसने बताया उसने उसको वैसा सही और गलत में वह सही है , मेरी मान लिया मगर क्या सच नजर में सब गलत है क्योंकि हमारी शुरुआत ही गलत से हुई हमने अपनी जिंदगी को बनाया पेड़ पौधों को काट के और किसी की हत्या करके आप कितना मर्जी कुछ भी बन जाते बना ले लेकिन आप हत्यारे ही कहलाएंगे एक फूल को तोड़ना तक हत्या कहलाता है - ShareChat