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💐जय श्री सीताराम💐 ============= *कह अंगद बिचारि मन माहीं। धन्य जटायू सम कोउ नाहीं।।* ================ *राम काज कारन तनु त्यागी। हरि पुर गयउ परम बड़भागी।।* ================= अर्थ :- === अंगद ने मन में विचार कर कहा-अहा! जटायु के समान कोई धन्य नहीं है। श्री राम जी के कार्य के लिए शरीर छोड़कर,यह परम भाग्यवान भगवान के धाम को चला गया। #🔊सुन्दर कांड🕉️
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