ShareChat
click to see wallet page
search
#ग़जल #shree krishna #💝 शायराना इश्क़ #🌞 Good Morning🌞
ग़जल - 28 june 2026 Good मुलाक़ातों में फ़ासला भी लाज़मी है, QMoming #೯೩೫ ' লনালী और निखर जाता है। जितने दिन रहेगी दरमियाँ हमारे, तड़प फिर क़ुर्बत का मज़ा और बढ़ जाता है। भी सहना सीख लो तुम, नाराज़गी की धूप चाहत का साया इस तरह घना हो जाता है। जो ज़ब्त ए ग़म में गुज़रती है रातें अपनी , उसी सुब्ह  का सूरज हसीं नज़र आता है। वो ख़ामोशी जो अक्सर दरमियाँ रहती है, उससे लफ़्ज़ों का मफ़हूम बदल जाता है शिकवे जितने भी हों छुपा लो सीने मे सजदा ए मोहब्बत का मर्तबा बढ वफ़ा की राह में जो भी मिलें ; उन्हीं राहों से मंज़िल कापता ये हिज्र का सफ़र भी ऐँकं जो इसे पार कर ले, वही Kavita mukesh 28 june 2026 Good मुलाक़ातों में फ़ासला भी लाज़मी है, QMoming #೯೩೫ ' লনালী और निखर जाता है। जितने दिन रहेगी दरमियाँ हमारे, तड़प फिर क़ुर्बत का मज़ा और बढ़ जाता है। भी सहना सीख लो तुम, नाराज़गी की धूप चाहत का साया इस तरह घना हो जाता है। जो ज़ब्त ए ग़म में गुज़रती है रातें अपनी , उसी सुब्ह  का सूरज हसीं नज़र आता है। वो ख़ामोशी जो अक्सर दरमियाँ रहती है, उससे लफ़्ज़ों का मफ़हूम बदल जाता है शिकवे जितने भी हों छुपा लो सीने मे सजदा ए मोहब्बत का मर्तबा बढ वफ़ा की राह में जो भी मिलें ; उन्हीं राहों से मंज़िल कापता ये हिज्र का सफ़र भी ऐँकं जो इसे पार कर ले, वही Kavita mukesh - ShareChat