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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - राहु का योग लग्न कोई भी हो यदि जन्मकुंडली के पंचम भाव स्थिति हों या कहीं से राहु की कोई भी दृष्टि में राहु (५,७,9) इस भाव पर पड़ जाये तो ऐसे जातक जातिका की शिक्षा में अभाव , प्रेम संबंधों में धोखा या उलझनें , संतान से भी ज्यादा न बनना व इनके पेपर से रिलेटेड कार्य का न बनना या काफी विलम्ब से सम्पन्न होता है। ऐसे जातक जातिका के पास सब कुछ होते हुए भी संतुष्टि का अभाव रहता है व अपने गलत फैसलों के कारण मानसिक, शारीरिक व दैहिक परेशानी उठाते 81 राहु का योग लग्न कोई भी हो यदि जन्मकुंडली के पंचम भाव स्थिति हों या कहीं से राहु की कोई भी दृष्टि में राहु (५,७,9) इस भाव पर पड़ जाये तो ऐसे जातक जातिका की शिक्षा में अभाव , प्रेम संबंधों में धोखा या उलझनें , संतान से भी ज्यादा न बनना व इनके पेपर से रिलेटेड कार्य का न बनना या काफी विलम्ब से सम्पन्न होता है। ऐसे जातक जातिका के पास सब कुछ होते हुए भी संतुष्टि का अभाव रहता है व अपने गलत फैसलों के कारण मानसिक, शारीरिक व दैहिक परेशानी उठाते 81 - ShareChat