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#मेरी कविता #📚कविता-कहानी संग्रह
मेरी कविता - अगर सुनने में होता सुनाने : কা মডা तो यूं बिखरा दर्द तमाशबिन ना होता कहलवाने का मजा अगर कहने में होता तो यूं रिश्तों में तकरार का सबब ना होता ले जाने का मजा अगर दे जाने में होता तो यूं कोई कमी का हाल ए बयां ना होता  जुड़ने में होता बिखरने का मजा अगर तो यूं कोई अलगाव का कारण ना होता बेसब्र का मजा अगर सब्र में होता तो यूं मिला फल खट्टा ना होता अनंत चाह का मजा अगर शून्य चाह में होता तो यूं कोई जन्म जन्मांतर जन्मा ना होता दांव का मजा अगर भगवत भाव में होता तो यूं कोई भक्ति पथ पथिक छला ना होता ध्यान का मजा अगर मोक्ष में होता तो यूं कोई मृगतृष्णा में अतृप्त ना होता எளிசிப अगर सुनने में होता सुनाने : কা মডা तो यूं बिखरा दर्द तमाशबिन ना होता कहलवाने का मजा अगर कहने में होता तो यूं रिश्तों में तकरार का सबब ना होता ले जाने का मजा अगर दे जाने में होता तो यूं कोई कमी का हाल ए बयां ना होता  जुड़ने में होता बिखरने का मजा अगर तो यूं कोई अलगाव का कारण ना होता बेसब्र का मजा अगर सब्र में होता तो यूं मिला फल खट्टा ना होता अनंत चाह का मजा अगर शून्य चाह में होता तो यूं कोई जन्म जन्मांतर जन्मा ना होता दांव का मजा अगर भगवत भाव में होता तो यूं कोई भक्ति पथ पथिक छला ना होता ध्यान का मजा अगर मोक्ष में होता तो यूं कोई मृगतृष्णा में अतृप्त ना होता எளிசிப - ShareChat