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#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - सादगी की चादर ओढे   मन अपना मुस्काता है कम में ही खुश रहकर सुकून गुनगुनाता है। किसी से होड़ यहाँ, ना खुद को तौलना है TT जो मिला है जिंदगी से॰ बस उसी को संजोना है। की चमक में क्यों॰ अपनी राह भटकाना, P7 सच्ची खुशी तो वहीं है जहां खुद को अपनाना। सादगी की चादर ओढे   मन अपना मुस्काता है कम में ही खुश रहकर सुकून गुनगुनाता है। किसी से होड़ यहाँ, ना खुद को तौलना है TT जो मिला है जिंदगी से॰ बस उसी को संजोना है। की चमक में क्यों॰ अपनी राह भटकाना, P7 सच्ची खुशी तो वहीं है जहां खुद को अपनाना। - ShareChat