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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - मैं कमरों में अब चीज chlol पुरानी  रखता है लिए शहरों में पानी कौन परिदों के रखता है.. खामोशियां.. मैं कमरों में अब चीज chlol पुरानी  रखता है लिए शहरों में पानी कौन परिदों के रखता है.. खामोशियां.. - ShareChat